तेरे लिए दिल क्या में जान भी लुटाऊंगा
धरती नहीं में असमान भी लुटाऊंगा
आए बुरा वक़्त तो माँ मुझपे यकीं कर
कदमो में तेरे में ये शीश चढ़ाऊँगा !
करू कोई वादा वो में तोड़ भी दूंगा
तेरे लिए सब कुछ छोड़ भी दूंगा
माँ हे मेरी कोई तुझे नजर उठाये तो
उसकी में हस्ती खाक में मिलूंगा !
मैंने तो जनम लिया मेरा ये सौभाग्य है
देनी पड़ जाये जा कि बजी अगर तो
आखरी दम तक फ़र्ज़ निभाऊंगा !


सुन्दर देशभक्ति रचना...
ReplyDelete