Friday, 24 February 2012

शेर







                  मैं हर वो आइना तोड़ डालूंगा जिसमे तेरी सूरत न हो !
          तुम हर पल मेरे सामने रहो ताकि आइने की मुझे जरूरत  न हो  !!

Monday, 20 February 2012

प्यारे वतन


 
तेरे लिए दिल क्या में जान भी लुटाऊंगा
धरती नहीं में असमान भी लुटाऊंगा
आए बुरा वक़्त तो माँ मुझपे यकीं कर
कदमो में तेरे में ये शीश चढ़ाऊँगा !


करू कोई वादा वो में तोड़ भी दूंगा 
तेरे लिए सब कुछ छोड़ भी दूंगा 
माँ हे मेरी कोई तुझे नजर उठाये तो 
उसकी में हस्ती खाक में मिलूंगा !


मैंने तो जनम लिया मेरा ये सौभाग्य है  
तेरे जैसी माँ बड़ी मिलती नसीब से
देनी पड़ जाये जा कि बजी अगर तो 
आखरी दम तक फ़र्ज़ निभाऊंगा !

हाय पैसा







                        ये पैसा हाय पैसा कैसा पैसा 
                        इक दिन लेगा  जान ये सब की ऐसा पैसा !
                        आगे पैसा पीछे दुनिया ऐसा पैसा 
                        ये पैसा हाय पैसा कैसा पैसा 

                       बिन पैसे न डोली उठे ऐसा पैसा           
                       विन पैसे न घोड़ी चढे ऐसा पैसा
                       बिन पैसे न अर्थी उठे ऐसा पैसा  
                       ये पैसा हाय पैसा कैसा पैसा

                       बिन पैसे न जनम मिले ऐसा पैसा 
                       बिन पैसे न दूध मिले ऐसा पैसा 
                       बिन पैसे न चूल्हा जले ऐसा पैसा
                       ये पैसा हाय पैसा कैसा पैसा

                       बिन पैसे न प्यास बुझे  ऐसा पैसा 
                       बिन पैसे न छाँव मिले ऐसा पैसा 
                       बिन पैसे न खुदा मिले ऐसा पैसा 
                       ये पैसा हाय पैसा कैसा पैसा

Sunday, 5 February 2012

बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !






आंखे बन करते ही एक अक्स उभर आता हैं 
जिन्दगी में मौत का चेहरा नजर आता हैं 
जीना यहाँ झूठ मौत ही सच्चाई हैं 
 दुनियां में बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !

एक दिन पैदा हुवे देखी सारी दुनियां 
कोई  बचपन कोई जवानी तो कोई बुढ़ापे में जाता हैं 
 दुनियां में बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !

जिनके संग बिताये रैना,कसमे खाई साथ जीने मरने की
पर कोई साथ नहीं जाता हैं 
दुनियां में बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !

चाहे अमीर चाहे गरीब ,सब जीते अपनी धुन में
अंत में किसी को दफनाया तो किसी जलाया जाता हैं ! 
 दुनियां में बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !

Saturday, 4 February 2012

गधों के सर पर ताज होगा.





हर तरफ अब तो भ्रष्टाचारिओं का राज़ होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज  होगा

हर आशा की किरण रौशनी को तरसेगी
चारो  तरफ  अंधेरो  का सर ताज होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

लोग भूखों मरें इनकी बलासे
राशन की दुकानों से गल्ला साफ होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

कभी २जी कभी सत्यम तो कभी खेल का पैसा खा गए
इनका ऐसा हाजमा हे जो सारा कुछ पचा गए
ऐसे ही नेताओं से तो देश का बंटाधार होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

ये देश को क्या बचायेंगे 
बड़े-बड़े घोटालों से एक दिन देश को बैच खायेंगे
अब कभी न इस देश में राम राज होगा .
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा .

ये आतंक मिटने की बात करते हैं 
कही जरदारी तो कही अफजल, कसाब होगा
हर आतंकी को घर में बिठाकर खिलने का रिवाज होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

अब जो इंसाफ की बात करे उसे सूली पर लटका दो 
हर शरीफ शहरी को अपराधी बना दो 
ऐसा करने से ही देश साफ होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

आना ही होगा









हे प्रभु फिर तुझे दुनिया में आना होगा ,
भ्रष्टाचारी रावण नामक  राक्षस को  मिटाना होगा !
हे प्रभु फिर तुझे दुनिया में आना होगा ....

संसदरूपी मंदिर में अब केवल कुम्भ विभीषण इकट्टा होते हैं ,
प्रजा का खून  कैसे चुसे गहन अध्ययन करते हैं ,
राम बनकर तुझको राम राज लाना होगा !
हे प्रभु फिर तुझे दुनिया में आना होगा ....

 इस देश की  हालत तो द्रोपदी के चीरहरण जैसी हो गई ,
भरी सभा में द्रोपदी  वस्त्रहीन हो गई ,
कृष्ण  बनकर तुझको दुर्योधनो से बचाना होगा !
हे प्रभु फिर तुझे दुनिया में आना होगा ....

राम के देश में रावणों का राज होने लगा ,
हर तरफ सीता माँ का  हरण होने लगा ,
रावणों का वध करके इसको अवध बनाना होगा !
हे प्रभु फिर तुझे दुनिया में आना होगा ....