Monday, 20 February 2012

प्यारे वतन


 
तेरे लिए दिल क्या में जान भी लुटाऊंगा
धरती नहीं में असमान भी लुटाऊंगा
आए बुरा वक़्त तो माँ मुझपे यकीं कर
कदमो में तेरे में ये शीश चढ़ाऊँगा !


करू कोई वादा वो में तोड़ भी दूंगा 
तेरे लिए सब कुछ छोड़ भी दूंगा 
माँ हे मेरी कोई तुझे नजर उठाये तो 
उसकी में हस्ती खाक में मिलूंगा !


मैंने तो जनम लिया मेरा ये सौभाग्य है  
तेरे जैसी माँ बड़ी मिलती नसीब से
देनी पड़ जाये जा कि बजी अगर तो 
आखरी दम तक फ़र्ज़ निभाऊंगा !

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