Sunday, 5 February 2012

बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !






आंखे बन करते ही एक अक्स उभर आता हैं 
जिन्दगी में मौत का चेहरा नजर आता हैं 
जीना यहाँ झूठ मौत ही सच्चाई हैं 
 दुनियां में बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !

एक दिन पैदा हुवे देखी सारी दुनियां 
कोई  बचपन कोई जवानी तो कोई बुढ़ापे में जाता हैं 
 दुनियां में बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !

जिनके संग बिताये रैना,कसमे खाई साथ जीने मरने की
पर कोई साथ नहीं जाता हैं 
दुनियां में बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !

चाहे अमीर चाहे गरीब ,सब जीते अपनी धुन में
अंत में किसी को दफनाया तो किसी जलाया जाता हैं ! 
 दुनियां में बस इतना ही सत्य नजर आता हैं !

4 comments:

  1. बहुत अच्छा प्रयास .....
    आपके भाव अच्छे लगे .....
    अच्छा लिखते हैं ...लिखते रहे

    ( हैं को है कर लें .....)

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  2. बहुत अच्छा प्रयास .....
    आपके भाव अच्छे लगे .....
    अच्छा लिखते हैं ...लिखते रहे

    ( हैं को है कर लें .....)

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  3. सार्थक एवं सुंदर प्रस्तुति के लिए धन्यवाद । मेरे पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा ।

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