Saturday, 4 February 2012

गधों के सर पर ताज होगा.





हर तरफ अब तो भ्रष्टाचारिओं का राज़ होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज  होगा

हर आशा की किरण रौशनी को तरसेगी
चारो  तरफ  अंधेरो  का सर ताज होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

लोग भूखों मरें इनकी बलासे
राशन की दुकानों से गल्ला साफ होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

कभी २जी कभी सत्यम तो कभी खेल का पैसा खा गए
इनका ऐसा हाजमा हे जो सारा कुछ पचा गए
ऐसे ही नेताओं से तो देश का बंटाधार होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

ये देश को क्या बचायेंगे 
बड़े-बड़े घोटालों से एक दिन देश को बैच खायेंगे
अब कभी न इस देश में राम राज होगा .
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा .

ये आतंक मिटने की बात करते हैं 
कही जरदारी तो कही अफजल, कसाब होगा
हर आतंकी को घर में बिठाकर खिलने का रिवाज होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

अब जो इंसाफ की बात करे उसे सूली पर लटका दो 
हर शरीफ शहरी को अपराधी बना दो 
ऐसा करने से ही देश साफ होगा
क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

4 comments:

  1. अब जो इंसाफ की बात करे उसे सूली पर लटका दो
    हर शरीफ शहरी को अपराधी बना दो
    ऐसा करने से ही देश साफ होगा
    क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा

    sahi kah aapne...
    bas yahi baki rah gaya hai...
    badhiya vyangya....

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  2. APKO MERI RACHNA ACHCHHI LAGI USKE LIYE SHUKRIYA.

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  3. ये आतंक मिटने की बात करते हैं
    कही जरदारी तो कही अफजल, कसाब होगा
    हर आतंकी को घर में बिठाकर खिलने का रिवाज होगा
    क्योंकि गधों के सर पर ताज होगा
    देश के वर्तमान विद्रूप पर करारा व्यंग्य सीढ़ी बात .

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